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भारत के लिए पूरा विश्व एक परिवार समान
संस्था गो-सेवाभारती एव चैतन्य भारत का व्याख्यान
इंदौर. भारत से संदेश पूरे विश्व के लिये निकलता है सिर्फ अपने देश के लिये नही भारत के लिए पूरा विश्व एक परिवार है और हम उसके सदस्य हमने दुनिया को संदेश दिया कि ये भूमि मेरी माता है और मैं उसका पुत्र.
यह विचार अंतर्राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुक्मचंद साँवला ने संस्था गो-सेवाभारती एव चैतन्य भारत द्वारा भारत एक देश ही नहीं, संदेश है विषय पर आयोजित व्याख्यान मे व्यक्त किये.
संस्था के महामंत्री राजेन्द्र असावा एवं प्रचार प्रमुख बुरहानुददीन शकरुवाला ने बताया कि व्याख्यान का आयोजन पूज्य स्वामीजी ब्रम्हयोगानंदजी (चेन्नई), स्वामी केदारनाथ (माँ आनंदमय आश्रम इंदौर) एवं महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज के सानिध्य में माँ आनंदमयी आश्रम इंदौर पर आयोजित किया गया.
मुख्य अतिथि बंगलुरू के श्री प्रसन्ना थे. श्री सांवला ने आगे कहा की सत्य एक है और विद्वान अनेक है सत्य के मार्ग से ही विजय होती है, भारत अहिंसा की भूमि है। भगवत गीता सभी धर्म, सम्प्रदाय , पंथ के लिए है भारत सम्पूर्ण विश्व को जागरण का संदेश देता है। हमने कभी किसी पर आक्रमण नही किया हम सदभाव से जीतते है।
शक्ति सम्पन्न होने पर वाणी व व्यवहार बदल जाता है। भारत संगठित , समर्थ और स्वाभिमानी रहा दुनिया की सारी समस्या का निदान करने की क्षमता रखता है भारत धर्म , उपासना और ज्ञान के भाव को प्रगट करता है।
इस अवसर पर पूज्य स्वामीजी श्री ब्रम्हयोगानंदजी (चेन्नई), द्वार अखण्ड भारत विषय पर लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया गया.राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविता का पाठइस अवसर पर कवि श्यामसुंदर पलोड़ ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविता पाठ किया. कार्यक्रम पश्चात विनायक पांडे ने वंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया.
अतिथी स्वागत बुरहानुद्दीन शकरूवाला, स्वदेश राजोरिया, निर्मल चौधरी, दिलीप जैन, विष्णु गोयल, योगेश होलानी, ललित बाहेती ने किया. संस्था की गतिविधियों की जानकारी कैलाशचंद्र खंडेलवाल ने दी. अतिथि परिचय संस्था अध्यक्ष वीरेन्द्रसिंह धाकड़ एव प्रदीप गोयल ने दिया ।कार्यक्रम का संचालन डॉ कोशलकिशोरजी पांडे ने किया. आभार राजेन्द्र असावा ने माना।


